5G Technology Explained in hindi, 5G in India ?? / 5G तकनीक क्या है और इंडिया में कब तक आएंगी? - Tech Talk Hindi

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मंगलवार, 22 सितंबर 2020

5G Technology Explained in hindi, 5G in India ?? / 5G तकनीक क्या है और इंडिया में कब तक आएंगी?


22 Jule 2020  यानी कि मंगलवार के दिन Reliance  industries Ltd. के मालिक श्री मुकेश अंबानी ने यह Announce किया था कि  5G से संबधित सारी इक्विपमेंट का जो मेन्युफेक्टरिंग होंगा वो इंडिया में ही किया जाएगा. यही नही Jio ने एक सस्ता 5G स्मार्टफोन और सस्ता 5G नेटवर्क इंडिया में देने की घोषणा की थी. और इसे देखते हुए जल्दी हमे इंडिया मे 5G Network देखने मिलने वाला है। 


हमे अक्सर सवाल पड़ता है कि 5G कब इंडिया में आएगा, 5G कितना फ़ास्ट होंगा और 5G Network 4G Network के मुकाबले कितना फ़ास्ट होंगा .मगर यह सारी बाते हमे 5G के ऑक्षण के बाद ही पता चलेगी. मगर अगर हम बात करे 5G के इंडिया में होने वाले bands  5G स्पेक्ट्रम की और फिलहाल इंडिया में लॉंच होने वाले 5G स्मार्टफोन के फायदे की तो इसे हमे थोडा अच्छे तरीकेसे समझने की ज़रूरत है। 

5G technology explained in hindi

The Evolution Of G'S /  मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क के बदलाव :-

अगर हम बात करे इस इंटरनेट जनरेशन की शुरवाती दिनो की तो सबसे पहले हमे 1st Generation (कार्यकाल-1980-1990) (Mobile Broadband Network) देखने मिला था. जिसमे हम आज के समय के हिसाब से बहोत लिमिटेड चीजे कर पाते थे. मतलब की 1st Generation network से हम सिर्फ एक फोन से दूसरे फोन पे कॉल कर पाते थे इसमे हम मोबाइल टेक्स मेसेज या वेब ब्राउज़िंग कर नही पाते थे। 


उसके कुछ सालों बाद हमे 2G यानी कि 2nd Generation Network  (कार्यकाल- 1990-2000)देखने मिला जिसमे पुराने जनरेशन के हिसाब  हमे काफी नई टेक्नोलॉजी देखने मिली जिसमे हम बेहतर कॉलिंग के साथ साथ लिमिटेड टेक्स मेसेज और साधारण किसम की इंटरनेट स्पीड मिलती थी उसके बाद आया 3G जिससे लोग Internet को जानने लगे थे जिसमे 2G  से बेहतर स्पीड भी मिल रही। 


3rd Generation Network (कार्यकाल-2000-2010) की बात करे तो ऑनलाइन स्ट्रीमिंग यानी थोडे बहोत वेब ब्राउज़िंग के फीचर्स , वीडियो देखना , वीडियो कॉलिंग इस तरह के सेवाएं हमे देखने मिली थी .उसके बाद आया 4Th Generation Network(2010-2020 और आगे भी) जिसे हम 4G कहते है जिसने इंटरनेट को अमीर से लेकर साधारण लोगो के ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बना दिया. जिसका हम फिलहाल उपयोग कर रहे है। 


अगर बात की जाए 4G की तो इंटरनेट पर की हो या इंटरनेट पर चलने वाले कोई भी उपकरण हो 4G की वजह से हमे इन सब मे इम्प्रोवमेंट देखने मिला. यानी कि इस 4G नेटवर्क की latency में हमे बहोत जादा फर्क देखने मिला मतलब की हमारा नेटवर्क बहोत कम वक्त में अच्छे तरीकेसे और बहोत जलद गति से कॉम्युनिकेट कर पारहा है जिसमे हम आसानी से बिना कोई रुकावट के high Quality video streaming ,  High Speed Internet , का मजा लेरहे है। 


और बात करे 5G की तो आज दुनिया भर में लोग 5G का इम्प्लीमेंट कर रहे है ओर कुछ कुछ जगह जैसे कि USA, जापान,चीन , इस तरह के गिनेचुने देशो के मर्यादित जगह पर हमे 5G नेटवर्क देखने मिल रहा है। 


5G(5th Generation broadband network )

5th Generation broadband network

अगर हम बात करे 5G की तो 4G के हिसाब से हमे इंटरनेट की स्पीड कही कही जादा मिलने वाली है .जहा हम 4G के स्पीड को MB में कैलकुलेट करते है मगर 5G की  स्पीड हमे 1GB/S + देखने मिलेगी.साथ ही साथ जो नेटवर्क की latency होंगी वो बहोत कम होंगी जहा हमे 4G की Latency स्पीड 50 millisecond का वक़्त लगता है अगर हम वेब ब्राउज़िंग या कम्यूनिकेट करते थे है वहां  5G की बात करे तो यह हमें 5G network latency Speed सिर्फ और सिर्फ 1-10 millisecond के बीच मिलेंगी जो कि अपने आप मे ही अदभुत बात होजाती है। 



 हम यह अनुमान लगा सकते है की आने वाले समय मे हमे इंटरनेट की कितनी जादा स्पीड मिलने वाली है. और स्पीड ही नही अभी हमे गांव गांव में या फिर भीड़भाड़ इलाके में जो low network speed  देखने मिलती है उससे भी छुटकारा मिल जाएगा क्यूंकि जो इसकी नेटवर्क कैपेसिटी है वो भी बहोत जादा मिलें वाली है और जितने भी IOT Devices होंगे उन सब मे अच्छा Improvementऔर अछि तरीकेसे आपस मे communicate कर पाएंगे। 


यही नही अभी जिस तरह हम हमारे devices में Storage को लेके काफी परेशान रहते है 5G आने के बाद हम बड़े आसानी से ओर चुटकियों में Cloud storage का इस्तेमाल कर सकते है फिर बात हो Online High Graphics games की या फिर movies की इस तरह की सारी सेवाओ का हम आसानी से लाभ उठा पाएंगे। 


Electromagnetic Spectrum with frequency /इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम और उसकी  फ्रिक्वेंसी  

Electromagnetic Spectrum with frequency


 हम अपने Mobile, Laptop ,Computers या फिर जितने भी IOT base devices है उन्हें हमारे mobile network से या फिर Wi-Fi network से connect करते है . मगर सवाल ये आता है की यह नेटवर्क को एक जगह से दूसरे जगह ओउर दूर दूर तक कैसे पोहचाया जाता है . तो इसका आसान सा जवाब ये है कि हमारा network एक wireless connection से जुड़ा हुआ राहता है और यह नेटवर्क हमे एक प्रकार के waves के जरिये मिलता है जिसे हम Electro Magnetic Spectrum कहते है .और अलग अलग जगह और अलग नेटवर्क Tower के लिए हमे अलग अलग Frequency (Hertz)  के Spectrum  देखने मिल जाते है। 

मगर यह बात करे mobile network के बारे मे 1G में तो यह Analog radio frequency पे चलता था  . अगर बात करे 2G तो हमे यह 30-200KHz तक के bandwidth का उपयोग किया जाता था और ऐसे ही 3G(15-20MHz), 4G( max 650-700 MHz) के बीच चला है. आगे जैसे जैसे bandwidth Frequency बढ़ती जाएगी  उस तरीकेसे इन रेडियो frequency की wavelength कम होते जएगी और हमे जादा से जादा स्पीड मिलेंगी। 


Type of 5G spectrum bands/ 5G नेटवर्क के प्रकार 

           अब बात करे 5G की तो 4G के मुकाबले 5G Broadband network frequency  में हमे(1GHz -30GHz ) के बीच मे आता है. अगर हम इसके spectrum के बारे बात करे तो यह एक wide spectrum है और इसे 3 band में बाटा गया है जिसमे आता है Low Band ,Mid Band, High Band  ये सारे band अलग spectrum Frequency पे चलते है. और हर band के हिसाब से हमे उस तरह की सेवाएं देखने मिलेंगी। 


Low Band 5G- यह band  650MHz-1GHz तक के spectrum पर चलेगा और इस band की Coverage हमे बहोत अच्छी मिलेंगी और यह band लगबग 4G band जैसा ही रहेंगा .हम इस band को 4G का upgrade भी कह सकते है. और 4G की तरह हमे 100 Mbps तक कि speed मिलेंगी. मगर जो सही मायने में जिसे हम 5G कहते है वो यह हमें देखने नही मिलेंगा। 


Mid Band 5G - यह band 1GHz-6GHz के spectrum पर चलेगा . यह band low band our high band के बीच का band देखने मिलेंगा  जो कि दोनों band से जादा इसका उपयोग किया जाएगा.इस band में हमे कमाल की स्पीड मिलने वाली है जिसे हम Real 5G कह सकते है मगर अगर इसके Network की बात करे तो जिस तरह का coverage हमे 4G और low band 5G में देखने मिला था उस तरह का coverage इस Mid band में देखने नही मिलेंगा . इसके लिए हमे जगोजगह towers लगाने पड़ेंगे। 


High Band 5G- इस band में हमे 24GHz-47GHz तक की स्पीड मिलेंगी जो कि बहोत बहोत जादा है लक़ीन इस band में भी हमे Network area है वो बहोत कम देखने मिलेंगा. यही नही अगर Tower और उसपे चलने वाले Devices के बीच थोड़ा भी परेशानी आई तो हमारे Network की स्पीड कम हो सकती है। 


इसके लिए हमे जगह जगह पर बहोत काम अंतर पर High band Towers लगाने पड़ेंगे जो की बहोत मुश्किल बात होजाती है.  इस तरह के 5G नेटवर्क का उपयोग करने के लिए हमे इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत करना होंगा मगर अभी के लिए इस तरह के Miliwaves base spectrum का उपयोग करना possible नही लगता। 


5G network in india(Type of 5G spectrum bands/)


आने वाले समय मे हमे 5G दो तरह के नेटवर्क पर चलते हुए दिखेंगे जिसे हम Stand Alone Network और Non stand Alone Network . 

Stand Alone Towers :- इस तरह के Network Towers हमे विशेष रूप से 5G network के लिए नयेसे बनाए जाएंगे. जिसपे सिर्फ आसपास के 5G स्मार्टफोन्स ही चलेंगे। 


Non-Stand alone Towers :-  इस तरह के towers में हमे पुराने 4G बैंड के साथ 5G बैंड भी देखने मिलेंगे यानी कि आसपास के 4G ओर 5G दोनो network के संर्टफ़ोन्स हमे इस तरह के towers पे देखने मिलेंगे.मगर NSA के मुकाबले ज्यादा स्पीड हमे SA Towers में देखने मिलेंगी क्योकि SA Towers 5G के लिए बनाया जाएगा। 

इंडिया की बात करे तो इंडिया में हमे आने वाले समय मे mid band 5G band देखने मिलेंगा और अभी जितने भी 5G स्मार्टफोन है उनमे हमे N78 band देखने मिल जाता है जो इंडिया में ही नही बल्कि बाकी देशों ने भी इसी Band का उपयोग 5G स्मार्टफोन में किया जा रहा है जो कि Mid band  5G network को support करता है तो इसलिए आने वाले समय मे हमे इंडिया में mid band 5G देखने मिलेंगा . 


आगे चलके  इंडिया में 5G Spectrum के auction होने बाद बहोत ही जल्द हमे इंडिया में 5G देखने मिलेंगा. क्योंकि इंडिया में पहले  ही 4G नेटवर्क अच्छी तरह से फैल गया है ओर NSA (Non-Stand Alone towers) के मदत से 4G network पे 5G नेटवर्क देखने मिलेंगा. 



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