Artificial Intelligence तकनीक क्या है, यह तकनीक कैसे काम करती है | What is Artificial Intelligence in Hindi - Tech Talk Hindi

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बुधवार, 18 नवंबर 2020

Artificial Intelligence तकनीक क्या है, यह तकनीक कैसे काम करती है | What is Artificial Intelligence in Hindi

Artificial Intelligence तकनीक क्या है? (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सेवाएं, प्रकार,लाभ) | What is Artificial Intelligence in Hindi (Basic Of AI, Work, Application)


What is Artificial Intelligence in Hindi
What is Artificial Intelligence in Hindi

Artificial Intelligence यह नाम आपको  कही बार अलग अलग जगह सुनाने मिला होगा। पुराने ज़माने में अंग्रजी फिल्मो में हमें अक्सर यह नाम सुनाई देता था।  मगर बात करे आज की तो आर्टिफिशल इंटेलिजेंस यह नाम हमारे स्मार्टफोन्स से लेकर रोबोट्स बनाने के क्षेत्र तक हमें बहोत सी जगह यह नाम सुनने मिलता है। 


मगर क्या आपको पता है आखिर ये आर्टिफिशल इंटेलिजेंस है क्या? (What is Artificial Intelligence In Hindi) और यह तकनीक  कैसे काम करती है ? (How Does Artificial Intelligence Technology Work?) | तो आज हम इसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्भदित बहोतसी बातो के बारे में  चर्चा करेंगे। 



    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है? 


    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (What is Artificial Intelligence In Hindi) एक ऐसा विषय जोकि की कंप्यूटर साइन्स, रोबोटिक इंडस्ट्री की काफी बड़ी जनि मणि शाखा मानी जाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक सध्न्या है जोकि  अलग अलग क्षेत्र के कंप्यूटर प्रोग्राम को इंसानो की तरह सिखने की, सोचने की, और हालत के हिसाब से अपने ही आप काम करने की क्षमता देती है। 

    बात करे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की तो इसका सबसे अच्छा और आसान इस्तेमाल हमें हमारे स्मार्टफोन्स में देखने मिलता है। स्मार्टफोन्स एंड्राइड हो या आईफ़ोन उसमे गूगल असिस्टेंस (Google Assistant) या सीरी (Siri) यह प्रोग्राम देखने मिलते है। यह स्मार्टफोन्स के प्रोग्राम हमारे स्मार्टफोन्स में एक असिस्टेंस की तरह काम करते है। यानि अगर हमें कोई भी सवाल वौइस् कमांड के जरिये  पूछे तो कुछ पालो में हमें हमारा जवाब मिल जाता है। 

    इसी तरह आज सेल्फ ड्राइविंग कार्स भी बहोत चर्चित है इस तरह के कार्स में  कोई कार चलने वाला चालक नहीं रहता बिना कोई ड्राइवर के यह कार बहार आसानी से चल सकती है ,यही नहीं ऐसी बहोत सी मशीने है जो की अपने काम के हिसाब से खुद को बदल के वो काम पूरा करती है। इन्ही कम्प्यूटर्स और मशीनों को इस तरह के स्मार्ट काम करवाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्हे सक्षम बनती है। 

    Artificial Intelligence Kya Hai

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह तकनीक आज की  सबसे  तेज़ी से कम्प्यूटर्स प्रग्राम में  इस्तेमाल होने वाली और लोगो में चर्चित तकनीक मानी जाती है। आज ऐसी बहोत सी उपकरणों में  बहोत से मोबाइल,कम्प्यूटर प्रोग्राम में  आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi) का अस्तित्व देखने मिलता है। 

    आज हर कोई इंसान आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस को सिखने में रूचि रखता है और हमेशा सोचता है की कोई मशीन इंसान नहीं  और इंसानो की तरह सोच भी नहीं सकती  मगर कैसे बिना कोई जटिल प्रोगरामिंग के हमें  हमारे हर सवालो को कुछ वक़्त में ही हमारे सामने लाकर रख देता है। 

    आज दुनिया भर में स्वस्त देखभाल (Healthcare), शिक्षण विभाग (Education), विपणन (Marketing), इ-कॉमर्स (E-Commerce), वित्त विभाग (Finance ) इस तरह दुनिया के बहोत महत्वपूर्ण शाखाओ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज कारगर साबित हो रही है। 


    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चरण 


    आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट की कॉन्सेप्ट को समझने के लिए हमें एक बात का  बहोत ध्यान देनाहोगा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चरण और प्रकार यह दोनों भी अलग कॉन्सेप्ट है तो चलिएदेखते  है आखिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi) के चरणों के हिसाब से यह कैसे काम मेंआती  है। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिंगे के अपने विकास और काल के हिसाब से मुख्या रूप से इसे तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है -

    आर्टिफिशियल नैरो इंटेलिजेंस | Artificial Narrow Intelligence (ANI)


    तो आखिर आर्टिफिशियल नैरो इंटेलिजेंस है क्या ?  इस तरह के AI  को हम वीक ए आई (Week AI ) भी कहते है।, इस तरह के AI  कोई भी टास्क मशीन अपने मर्ज़ी सेन नहीं करती बल्कि मशीन को जिस तरह से और जिस काम के लिए बनाया जाता है बस उसी तरह काम या प्रोग्राम को कर पाती है। अगर उदाहरण के रूप में इसे देखे तो सीरी (Siri) ,गूगल असिस्टेंट (Google Assistant), अमेज़ॉन अलेक्सा (Amazon Alexa) यह सरे प्रोग्राम हमें AI  के इसी स्तर पर देखने मिलते है। 

    आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस Artificial General Intelligence (AGI)


    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi)  का यह स्तर काफी विकसित माना जाता है। इसे स्ट्रॉंग ए आए  (Strong AI ) भी कहा जाता है। इस तरह के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कोई भी मशीन इंसान  की तरह सोचने की ,अपने मर्ज़ी से कोई टास्क करने की और लग भाग इंसान जो भी काम करता है उसे समझने की क्षमता इस तरह के AI होती है ।  मगर अभी के लिए इस तरह के  AI  पर चलने वाले कंप्यूटर और मशीन बनाने में इंसान सफल नहीं हुआ है मगर भविष्य में  इस तरह केकम्प्यूटर्स  और मशीन हमें ज़रूर देखने मिलेंगे। 

    आर्टिफिशल सुपर इंटेलिजेंस  Artificial Super Intelligence 


    इस तरह के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की फ़िलहाल हम सिर्फ कल्पना कर सकते है। अगर इसे डिफाइन करे तो यह AI मानव विचार क्षमता के ऊपर जाके सोचने की क्षमता रखता है। इस तरह के  AI को अपने मूवीज में  ज़रुरु देखा होगा की रोबोट्स और मशीनों की वजह से मानव और रोबोट्स में युद्ध देखने मिलता है। देखा जाए आज के ज़माने में  इंसान जिस तरह से AI और कम्प्यूटर्स में तेज़ी से विकास कर रहा है तो शायद वो दिन दूर नहीं की आगे के ५० सालो में  हमें इस तरह के कम्प्यूटर्स या रोबोट्स देखने भी मिल जाये। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार | Types Of Artificial Intelligence In Hindi 


    आज के समय में, मानव क्षमताओं का अनुकरण करने के लिए मशीनें तेजी से विकसित हो रही हैं। और बात करे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तोयह  तकनीक मशीनों के विकास में एक चमत्कार से कम नहीं। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस यह तकनीक कुछ पुराणी तकनीक नहीं है मगर इसकी शुरवात हमें १९५० के साल से ही देखने मिलि थी मगर अभ आज भी हम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi) के शुरवाती चरण में ही है। 

    आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस को अपने कार्यक्षमता पर आधारित और  क्षमता पर आधारित प्रमुख चार प्रकार में विभाजित किया गया जिसमे -

    रिएक्टिव मशीन   | Reactive Machine 
    लिमिटेड ममोरी   | Limited  Memory 
    थेरी ऑफ  माइंड | Theory Of Mind 
    सेल्फ अवेयर        | Self Aware


    रिएक्टिव मशीन | Reactive Machine


    रिएक्टिव मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस तरह के प्रकार में कोई भी मशीन या कम्प्यूटर्स सिर्फ वर्तमान में  टास्क को पूरा करने की या समझने की क्षमता रखता है।  रिएक्टिव मशीन वर्तमन में स्टोर हुए डेटा को भविष्य  के टास्क को पूरा करने में सक्षम नहीं रहती। इसका बहोत प्रसिद्ध उदाहरण हमें साल १९९७ मेंशतरंज  के खेल में देखने मिला था। १९९७ में IBM की तरफ से इस AI  पर आधारित प्रोग्राम चेस गेम प्रोग्राम बनाया गया था जिसमे इस मशीन ने प्रसिद्ध शतरंज विजेता गेर्री कैस्पोरोव को शतरंज में हराया था। 

    लिमिटेड ममोरी | Limited  Memory 


    लिमिटेड मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस तरह के प्रकार में कोई भी प्रोग्राम या कम्प्यूटर्स भूतकाल में स्टोर हुए डेटा से कोई भी कार्य को इन्फॉर्म करना हो या उसे बेहतर बनाना हो तो थोड़े वक़्त के लिए उसे कर सकती है। इसकासबसे  अच्छा उदारहण सेल्फ़ ड्राइविंग कार जिसमे कार किसी भी तरह के सेंसर या लाइट को सेन्स करके थोड़े वक़्त बाद उसपे प्रतिकिया देती है और हमें कार में अलग अलग कार्य होते हुए देखने मिलते है। 

    थेरी ऑफ माइंड | Theory Of Mind 


    थेरी ऑफ़ माइंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह AI का काफी विकसित प्रकार माना जाता है। मनोविज्ञान क्षेत्र में इसे काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्यूकी इसे इंसानो के हाव भाव ,भावुकता को समझने के लिए बनाया गया है। मगर फ़िलहाल पूरी तरह से  इस AI  पर आधारित कोई भी मशीन या कम्प्यूटर्स को विकसित नहीं किया है मगर इस तरह से AI सिस्टम को बनाने की कोशिश जारी है।  

    सेल्फ अवेयर | Self Aware


    सेल्फ अवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन यानि इस तरह के प्रकार के मशीन की फीलहल हम सिर्फ बाते कर सकते है या फिर  सोच सकते है की कोई कोई भी मशीन या रोबोट इंसानो की तरह सोचने में या फिर कोई भी कार्य पर इंसानो की तरह पर्तिकिर्या देने में सक्षम हो। मगर दुनिया बड़े बड़े वैज्ञानिक इस तरह के AI सिस्टम को बनाने में रूचि रखते है और भविष्य में क्या पता हमें सुपर AI के आधार पर कोई कम्प्यूटर या रोबोट देखने भी मिल जाए जो इंसानो की तरह सोचने और समझने की क्षमता रकता हो। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग | Uses Of Artificial Intelligence In Hindi 


    आज एक साधारण इंसान हो या कोई बड़ी कंपनी हो हर कोई आर्टिफिशिय इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi) की मदत से अपने काम आसान बना रहा है। यहाँ जिस काम को हम अपने हतो करते थे वो हम सिर्फ हमारे जुबान से आवाज़ देकर , कमांड देकर स्मार्ट मशीन्स , स्मार्ट गडेट्स से करवा सकते है बात करे स्मार्टफोन की तो हमें AI  अस्टिटेंट की मदत अपने कमांड से बहोत से काम स्मार्टफोन से करवा सकते है ,ऐसे बिना ड्राइवर के कार में हमें बिना किस डर के आसानी से घूम भी सकते है।  ऐसी बहोत से हमारे कार्य है जो  हम कम वक़्त में बिना मेहनत  किये AI की मदत से कर सकते है। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है

    अलग अलग क्षेत्र में  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के होने वाले उपयोग 


    • मेनुफेक्चरिंग रोबोट   (Manufacturing Robots)
    • बैंक और  फाइनैंस (Bank  And Finance)
    • स्मार्ट असिस्टैंस  (Smart Assistant)
    • आरोग्य  नियोजन  (Proactvie  Health Management)
    • रोग मानचित्रण  (Disease mapping)
    • फेस  डीटेक्शन ( Face Recognition)
    • वर्चुअल रियलिटी (Virtual Reality)
    • इमेज प्रोसेसिंग (Image Processing)
    • सर्च इंजन (Search Engine)
    • सेल्फ ड्राइविंग कार (Self Driving Cars)


    आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का इतिहास 


    History Of Artificial Intelligence In Hindi


    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi) यह तकनीक भले आज के ज़माने में ज्यादा इस्तेमाल की जाती है मगर इसकी शुरवात १९४३  के दशक में ही की गई है।  


    साल १९५० में एलन टूरिंग नमक एक जो काफी मशहूर इंग्लिश माथेमैटिशियन थे जिन्होंने एक ऐसे  टेस्ट को बनाया था जिसमे बेसिकली मशीन इंटेलिजेंस है या नहीं यानि मशीन इंसान के जैसा सोच सकती है या नहीं यह जांचने के लिए उन्होंने टूरिंग टेस्ट  बनाया था।  

    साल १९५१ में आर्टिफिशियल हमें  गेम्स के क्षेत्र भी देखने मिला था। इस साल को गेम ए आई (Game AI Period ) के नाम से भी जान जाता था क्यूकी इसी वक़्त बहोत से वैज्ञानिको ने बहोत से गेम्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदत से बनाया था।  इसमें शंतरज का खेल काफी मशहूर मन जाता है। 

    साल १९६५ जोकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  (Artificial Intelligence In Hindi) का बहोत महत्वपूर्ण साल  माना जाता था ।  इस  साल  जॉन मैक्काथी (John McCarthy) नमक वैजानिक ने पहली बार आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के व्याख्या को बनाया था। (The Science and Engineering of Making Intelligent Machines, Especially Computers Program- by John McCarthy) 

    साल १९५९ में  AI के शोध और विकास के लिए दुनिया की पहली AI Lab की स्थापना की गई थी जो की  AI MIT Lab (Massachusetts Institute Of Technology) के नाम से जाना जाता था। 

    साल १९६० में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पे चलने वाला पहला रोबोट जनरल मोटर्स असेम्ब्ली लाइन के लिए  उतरा गया था। 

    साल १९६१ में पहला ELIZA  नमक चैटबॉक्स को बनाया गया था। 

    साल १९९७ में IBM की तरफ से Deep Blue मशीन  को बनाया गया था जिसने मशहूर शतरंज विजेता गैरी कास्परोव को शतरंज में हरा दिया था। 

     निष्कर्ष 

    दोस्तों अब आपको तो यह ज़रूर समझ में आगया होगा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है | What Is Artificial Intelligence In Hindi और इसकी क्या अहमियत है हमारे जिन्दंगी में। आज के दौर में  जिस तरह  से टेक्नोलॉजी बढ़ रही है उसी से हमारा काम करने का जरिया भी  बदल गया है। आने वाले कुछ सालो में हम 5G Technology का भी अनुभव लेने वाले है साथ ही साथ Cloud Computing तकनीक का भी लोग बहोत तेज़ी से इस्तेमाल कर रहे ऊब ये देखना ज़रूरी है की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन तकनीकों के साथ मिलकर किस तरह हमारे कामो को आसान बनाते है शुक्रिया। 

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