Cloud Computing क्या है ,यह तकनीक कैसे काम करती है ? | What is Cloud Computing in Hindi - Tech Talk Hindi

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रविवार, 1 नवंबर 2020

Cloud Computing क्या है ,यह तकनीक कैसे काम करती है ? | What is Cloud Computing in Hindi

 Cloud Computing क्या है (क्लॉउड कंप्यूटिंग का मतलब, इसकी सेवाएं और कार्य) | What is cloud Computing in Hindi, its work and C.C Services in Hindi 


Cloud computing in hindi

Cloud Computing in Hindi


अनुक्रम |Table Of Contents


◾ परिचय | Introduction

 क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है | What Is Cloud Computing In Hindi Meaning

 क्लाउड कंप्यूटिंग के परियोजन मॉडल | Cloud Computing Deplyoment Models in Hindi 

◾ क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार |  Cloud Computing Types In Hindi 

◾ क्लाउड कंप्यूटिंग के सामान्य उदहारण | Common Cloud Computing Examples

◾ क्लाउड सुरक्षा |  Cloud Computing Security Architecture in Hindi)

◾ निष्कर्ष | Conclusion about Cloud computing in Hindi 


परिचय | Introduction


क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है ? (What Is Cloud in Hindi), क्या कम्प्यूटर बादल में होते है? या फिर ऐसी कोई वायर की कनेक्शन है जो बदलो में से जाती है? इस तरह के काफी सवाल जब हम क्लाउड कंप्यूटिंग का नाम सुनते है तो अक्सर आते रहते है। भारत की अगर बात करे तो जब से जिओ बाजार में आया है हमें इंटरनेट काफी कम दामों में मिल रहा है और उसके बाद भारत के अंदर तकनिकी तौर पे काफी सरी बाते हमें देखने मिल रही है जैसी की IOT Platform, आभासी चलन (Cryptocurrency) क्लाउड कंप्यूटिंग ऐसे काफी सारि बातो का भारत के अंदर बड़े पैमाने में इस्तेमला हो रहा है।


Cloud Computing in hindi

Cloud computing Deployment model

 


अगर बात करे क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing in Hindi) की तो यह नाम भी भारत में काफी चर्चित है। भारत में काफी लोग इसका अलग अलग तरह से इस्तेमाल करते है। भारत में तो ऐसी भी लोग है जो की क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing in Hindi) का इस्तेमाल तो कर रहे है मगर उन्हें इस बात का बिल्कुल ही पता ही नहीं। इसलिए हम इस पोस्ट मे आपको क्लाउड कॉम्प्यूटिंग क्या है (What Is Cloud Computing In Hindi) और यह तकनीक कैसे काम करती है और इसका हम हमारे जिंदंगी में किस तरह से इस्तेमाल कर सकते है या सारी जानकारी आज जानेगे वो भी बड़े आसान भाषा में तो चलिए शुरू करते है।
 

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है | What Is Cloud Computing In Hindi 


        क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा (Cloud Computing In Hindi) आपको डिजिटल स्टोरेज ,नेटव्रकिंग संसाधन, डिजिटल रूप से  प्रदान करती है। इन संसाधनों में डेटा स्टोरेज, सर्वर, डेटाबेस, नेटवर्किंग और सॉफ्टवेयर जैसे उपकरण और अनुप्रयोग शामिल हैं। इसमें  डिजिटल  फाइल्स  को मालिकाना हार्ड ड्राइव जैसे की  हमारे स्मार्टफोन्स या कंप्यूटर पर दी हुए स्टोरेज  पर हमारा डेटा रखने के बजाय, क्लाउड-आधारित स्टोरेज पर रख सकते है। क्लाउड कंप्यूटिंग यह नाम इसका कैसे पढ़ा (Cloud Computing in Hindi Meaning) इसका आसान जवाब ये की हम जो भी डेटा या स्टोरेज का इस्तेमाल करते वह  एक्सेस की जा रही जानकारी क्लाउड की तरह या वर्चुअल स्पेस में दूर से पाई जाती है । 


    क्लाउड कंप्यूटिंग पे किसी का मलिकान  हक्क नहीं है इस तरह की सेवा देने वाले काफी सारी कम्पनिया हमें देखने मिल जाती है।  यह क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियां उपयोगकर्ताओं को रिमोट सर्वर पर फ़ाइलों और अनुप्रयोगों को स्टोर करने और फिर इंटरनेट के माध्यम से सभी डेटा तक पहुंचने में सक्षम बनाती हैं।इसका मतलब यह है कि उपयोगकर्ता को इसे एक्सेस करने के लिए किसी विशिष्ट स्थान पर होने की आवश्यकता नहीं है, जिससे उपयोगकर्ता को दूर से काम करने की अनुमति मिल सके।
 

  पुराने ज़माने में जितने भी बड़े बड़े व्यापर बड़े बड़े उद्योग होते थे उनकी जो भी जानकारी होती थी उन्हें चलाने के लिए बड़े सॉफ्टवेयर , बड़ी से बड़ी स्टोरेज ,साथ ही साथ इसके लिए एक अलग टीम की जरुरत पढ़ती थी। और इस तरह के बड़े पैमाने में व्यापर और उद्योग के  लिए ऐसा सेटअप स्थापित करने, कॉन्फ़िगर करने, परीक्षण करने, चलाने, सुरक्षित करने और अपडेट करने के लिए विशेषज्ञों की एक पूरी टीम की आवश्यकता होती थी। 
 
 आज क्लाउड कंप्यूटिंग से बड़ी बड़ी कम्पनिया , बड़े बड़े व्यापारी जहा पर बहोत तादाद में लोग काम करते है वह लोग एक ऐसे ही क्लाउड कम्पनी को इस तरह का काम देते है। और  वह क्लाउड कंपनी इन कम्पनियो के सरे डिजिटल काम पर ध्यान रखना हो उनमे बदल करना हो या कम्पनी के क्षमता के हिसाब से सेवाओं को बढ़ाना  हो यह सारे काम आसानी से कर सकते है इसका फायदा ये की कंपनियों को खुद के डेटा स्टोरेज मैनेजमेंट के लिए कोई टीम नहीं बनानी पड़ेंगी और नाही इतना बड़ा सेटअप करने के लिए बहोत खर्चा करना पड़ेगा । क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing in Hindi) सेवा प्रधान करने वाली कंपियों के हमें अलग अलग प्लान्स देखने मिलते है जोकि मासिक,त्र्यमासिक, वार्षिक  इस तरह के होते और हम हमारी काम के हिसाब से प्लान्स चुन सकते है।  

क्लाउड कंप्यूटिंग के परियोजन मॉडल | Cloud Computing Deplyoment Models in Hindi 


साधारण रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग के मुख्य तीन परियोजन मॉडल (Deplyoment Models) देखने मिलते है। 
  • पब्लिक क्लाउड (public Cloud)
  • प्राइवेट क्लाउड (Privet Cloud)
  • हाइब्रिड क्लाउड (Hybrid Cloud) 

पब्लिक क्लाउड | public Cloud


पब्लिक क्लाउड (Public Cloud) सेवा का इस्तेमाल सभी तरह के लोग कर सकते है इस पब्लिक क्लाउड में हम हमारा जो कुछ भी डेटा स्टोर करते है वो हम उसी सर्वर से किसी भी  शक्श के साथ  शेयर कर सकते, साथ ही साथ हम आसानी से सिंक भी कर सकते है और  बड़े ही आराम से डेटा का बैकअप भी ले सकते है मगर  इस तरह के सेवा में हमें ज्यादा सुरक्षा देखने नहीं मिलती । इस तरह की सेवा बहोत सी बड़ी बड़ी कम्पीय प्रदान करती है जैसे की अमेज़ॉन वेब सर्विस, अलीबाबा क्लाउड , गूगल क्लाउड।  पब्लिक क्लाउड सेवा हमें प्रिवेट क्लाउड सेवा के तुलना में काफी किफायती देखने मिलती है। 


  प्राइवेट क्लाउड | (Privet Cloud)


प्रिवेट क्लाउड (Public Cloud) की सेवा काफी हद तक पब्लिक क्लाउड की तरह ही है मगर इस सेवा में हमें कुछ मर्यादा देखने मिलती है जैसे की इस सेवा में हमें जादा सुरक्षा देखने मिलती है यह सेवा हमें ग्लोबली दखने नहीं मिलती किसी एक कंपनी या समूह ही इस तरह के सेवा का इस्तेमाल कर सकते है। इन सर्वरों का उपयोग आमतौर पर उन कंपनियों द्वारा किया जाता है जिनके पास स्टोर करने के लिए संवेदनशील जानकारी होती है, जिसे कम्पनिया ज्यादा सुरक्षित रख सके। इस तरह प्रिवेट क्लाउड सेवा एक तो आप किसी क्लाउड प्रोवाइडर से ले सकते है या खुद का एक प्राइवेट क्लाउड सेंटर बना सकते है।  


हाइब्रिड क्लाउड | (Hybrid Cloud)


बात करे हाइब्रिड क्लाउड (Hybrid Cloud) की तो इसमें हमें प्राइवेट क्लाउड (Privet Cloud ) और पब्लिक क्लाउड (Public Cloud) इस दोनों का  सहअस्तित्व देखने मिलता है।  हाइब्रिड क्लाउड में हमें दोनों क्लाउड्स की अच्छाई देखने मिलती है जैसे की हमारा डेटा ,सॉफ्टवेयर  हो या इस तरह के संसाधन हो इन्हे हम एक तो प्राइवेट  रख सकते है या फिर लोगो के लिए खुला रख सकते है यानि की हम अपने हिसाब से डेटा को कैसे मैनेज करना है यह कस्टमाइज कर सकते है।  यानि की अगर कोई इंसान या कंपनी के पास बहोत सारा डेटा है उसमे से कुछ निजी है और कुछ साधारण है और इसे सार्वजानिक तोर पर रखा सकता है । 


तो ये रहे क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing in Hindi) के मुख्या क्लाउड मॉडेल जिम्हे आप अपने हिसाब से खरीद सकते है या खुद बना सकते है। 


क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार | Types Of Cloud Computing In Hindi


 क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल करने वाले जितने भी उपभोक्ता होते है वह अलग अलग तरह के होते मतलब की हर इंसान या फिर कंपनी  अपने काम के हिसाब से और ज़रूरतों के हिसाब से क्लाउड सर्विस लेती है जैसे की क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर स्टोरेज ,नेटवर्क ,हार्डवेरे,ऑपरेटिंग सिस्टम इस तरह के कही सरे सुविधा अपने अलग अलग प्लान्स और अलग अलग प्रकार के क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा (Cloud Computing in Hindi) से प्रधान  करती है और इसके हिसाब से हमें इसके मुख्या तीन प्रकार  देखने मिलते है। 


  • इंफ्रास्ट्रक्चर ऐस सर्विस (Infrastructure As a Service -IaaS)
  • प्लेटफार्म ऐस सर्विस (Platform As a Service -PaaS)
  • सॉफ्टवेर ऐस सर्विस (Software As a Service -SaaS)

इंफ्रास्ट्रक्चर ऐस सर्विस (Infrastructure As a Service -IaaS)


यह क्लाउड कंप्यूटिंग का सबसे आम सेवा मॉडल है क्योंकि यह वर्चुअल सर्वर, नेटवर्क, ऑपरेटिंग सिस्टम और डेटा स्टोरेज ड्राइव का फंडामेंटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है। यह फ्लेक्सिब्लिटी , विश्वसनीयता और स्केलेबिलिटी के लिए अनुमति देता है जो कई व्यवसाय इस इस तरह की क्लाउड सेवा चाहते है  और  इस तरह के सर्विस से हमारे लिए ज़रूरी  हार्डवेयर की आवश्यकता को हटा देते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर ऐस सर्विस  एक पूरी तरह से आउटसोर्स पे-फॉर-यूज सेवा है और सार्वजनिक, निजी या हाइब्रिड फंडामेंटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उपलब्ध है।



प्लेटफार्म ऐस सर्विस (Platform As a Service -PaaS)


प्लेटफार्म ऐस सर्विस (Platform As Service -PaaS) यहाँ क्लाउड कंप्यूटिंग का दूसरा सबसे मुख्या मॉडल है जिसमे अगर हम इस तरह का मॉडल लेते है तो हमें कही तरह की सेवाएं दखने मिलती है इसमें ग्राहको को ऑपरेटिंग सिस्टम, वेब अप्लीकेशन , साथ ही साथ डेटाबेस यहसारी सेवाएं हमें इस मॉडल में प्रोवाइड होते हुए नज़र आती है। इस तरह की सर्विस हमें गूगल इंजन (Google App Engine) में देखने मिलती है जहा हम अपने तरीकेसे वेब एप्लीकेशन को डेवलप और  रन कर सकते है। 

 

सॉफ्टवेर ऐस सर्विस (Software As a Service -SaaS)


सॉफ्टवेर ऐस सर्विस Software As a Service -SaaS) इस में  क्लॉउड मॉडल  अलग अलग तरह के सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन अपने ग्राहकों तक पोछना इस मॉडल का मुख्या काम होता है। SaaS का  सबसे ज्यादा इस्तेमाल कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट ,हेल्प डेस्क ,एच आर सोलूशन्स ,और बिलिंग और  इन्वॉइसिंग इस तरह के काफी ऍप्लिकेशन्स में यह सर्विस काम आती हैऔर  इस तरह कही सारी एप्लीकेशन यह क्लाउड मॉडल प्रोवाइड करती है। इस मॉडल की मदत से क्लाउड प्रोवाइड अपनेफिजिकल  रेसौर्सेस की मदत से ऐप डेवॅलप करके उसे कस्टमर को प्रोवाइड करते है। 


Also, Read 



क्लाउड कंप्यूटिंग के सामान्य उदहारण | Common Cloud Computing Examples 


Cloud Service Provider-Google Drive,Dropbox,One drive

Cloud Service Provider



आज भारत की बात करे या पूरी दुनिया की तो क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud computing in Hindi) सेवाएं हमें हर जगह देखने मिलती है।  बहोत लोग इसका इस्तेमाल भी करते। और बहोत से लोग ऐसे भी है जो क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल तो करते है मगर उन्हें इस बात का जरा भी ज्ञान नहीं है।  आज दुनिया ९०% लोग Android  स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते है और  कंप्यूटर की बात करते तो हम विंडोज बेस कंप्यूटर का ज्यादा तर इस्तेमाल करते है और इन्ही के साथ हमें कुछ हद तक मुफ्त में क्लाउड कंप्यूटिंग यानि की क्लाउड स्पेस प्रोवाइड की जाती है इसमें कही नाम शामिल है जैसे की गूगल (Google) का  Google Drive ,माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) का One Drive ,एप्पल (Apple) का I Cloud, Dropbox  इस तरह के काफी क्लाउड प्रोवाइडर है जो की हम हमारे स्मार्टफोन, लैपटॉप ,कंप्यूटर में इस्तेमाल कर रहे है तो चलिए ऐसे ही कुछ क्लॉउड कंप्यूटिंग प्रोवाइडर के बारे जानेगे।  


गूगल  ड्राइव (Google Drive) 


यह एक शुद्ध और सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud computing in Hindi) सेवा है, जिसमें सभी संग्रहण ऑनलाइन पाए जाते हैं, इसलिए यह क्लाउड उत्पादकता ऐप के साथ काम कर सकता है (Googleगूगल  डॉक्स,गूगल  शीट और गूगल  स्लाइड। (Google)गूगल ड्राइव इस तरह की काफी सारी  सेवाएं हमें गूगल के क्लॉउड  स्पेस में देखने मिलती है। इसका इस्तेमाल हम एंड्राइड, IOS , विंडोज हर तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम पर कर सकते है इसी के साथ गूगल के कही सारी खुद की ऐप्स  है जोकि की पूरी तरह से क्लाउड पे चलती है जैसे की गूगल फोटो , गूगल कॉन्टैक्ट , गूगल कैलंडर इस तरह की काफी सेवाएं हम क्लॉउड स्पेस से एक्सेस कर सकते है। गूगल हमें 15 GB तक का लाउड स्पेस मुफ्त में देता है जिसका उपयोग हम काफी अच्छी तरह से कर सकते है। 


वन ड्राइव (One Drive)


अगर आप कोई भी माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज लैपटॉप या कंप्यूटर का उपयोग करते होंगे तो आपने वन ड्राइव (One drive) के बारे तो सूना ही होगा। One Drive जो की माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से आने वाली एक क्लॉउड सर्विस है इसमें हम हमारा हर तरह का डिजिटल डेटा सेव कर सकते है यहाँ वन ड्राइव काफी सुरक्षित माना जाता है। वन ड्राइव (One Drive) में हमें काफी अच्छी  सेवाएं देखने मिलती है जैसे की माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से आने वाला X-Box  में हम क्लॉउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing in Hindi) के मदत से हम काफी अच्छी ग्राफिक्स के गेम खेल सकते है वो भी बिना कोई कोई स्टोरेज और अच्छी रैम और हार्डवेयर के। 

एप्पल आय क्लॉउड  (iCloud) 


Apple आय क्लाउड यह एप्पल के तरफ से आने वाली क्लाउड सर्विस है।  इसका मुख्या रूप से स्टोरेज ,बैकअप , सिंक्रोनाइजेशन (मेल, कौंटैक्ट, कालडेर ) ऐसी बहोत सी चीज़ो को स्टोर करने के लिए किया जाता है। एप्पल की सर्विस हमें आय पैड, आय फोन , मैक बुक में और कुछ हद तक विंडोज में देखने मिलती है।  अगर कोई डिवाइस घूम जाता हाउ तो उसे ढूंढे में (Find  my i phone) फीचर की मदत से बड़े आसानी से स्मार्टफोन  ढूंढ सकते है।  

ड्रॉपबॉक्स (Dropbox)


ड्रॉपबॉक्स (Dropbox) यह पूरी तरह से क्लाउड स्टोरेज प्रोवाइड करने वाली कंपनी है और इस सर्विस का इस्तेमाल हम हर ऑपरेटिंग सिस्टम हर तरह के स्मार्टफोन और कंप्यूटर में कर सकते है। ड्रॉपबॉक्स  (Dropbox) में हम बहोत आसान तरीकेसे फाइल को सेव करना हो या फाइल सिंक करनी हो और कही तरह के फीचर के साथ हमें ड्रॉपबॉक्स की क्लाउड सर्विस देखने मिलती है। 

क्लॉउड सुरक्षा | (Cloud Computing Security Architecture in Hindi)


अगर बात करे क्लाउड कंप्यूटिंग सुरक्षा के बारे में तो (Cloud Computing Security Architecture in Hindi) आपका क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर केवल उतना ही सुरक्षित है जितना कि आप इसे बनाते हैं। क्लाउड स्टोरेज को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी न केवल सुरक्षा टीमों की है बल्कि यह जिम्मेदारी  हमारी भी बनती है। हम अक्सर कही बार सुनते है i cloud का डेटा  लीक होगया , फेसबुक की तरफ से लोगो का डेटा लीक हो गया ऐसी काफी घटनाये हुई  है जिससे यह साबित  होता है की १०० % कोई भी सर्विस हमारे डेटा को सुरक्षा नहीं देती। 


 हमारे डेटा को सुरक्षित रखने के लिए हमें भी बहोत से बातो की ओर ध्यान देना पड़ता है जैसे की अगर हमारा डेटा बहोत ज्यादा सेंसटिव हो तो हमें उसे प्रायवेट क्लाउड में रखना जरुरी होता है क्यूकी प्रोवेट क्लॉउड पब्लिक क्लॉउड से काफी ज्यादा सुरक्षित  है। आज ऐसी काफी सारि कम्पनिया है जो क्लॉउड सर्विस शुरू तो करणा चाहती है मगर सुरक्षा को लेकर मूव नहीं हो रही।


बात करे इंफ्रास्ट्रक्टर सिक्योरिटी की (Cloud Computing Security Architecture in Hindi) इसमें हमारे  होस्ट और वर्चुअल मशीन ,उसके बाद हमारी नेटवर्क लेवल सिक्योरिटी और हमरी वेब एप्लीकेशन सुरक्षा यह सारी  सुरक्षा आती है इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी में हमें तीन लावेल पर सुरक्षा देखने मिलती है जिसमे पहला आता है होस्ट और वर्चुअल लावेल सेक्योरिटी दूसरी आती है एप्लीकेशन लेवल  सिक्योरिटी और तीसरी आती है नेटवर्क लावेल सेक्योरिटी। 

 होस्ट और वर्चुअल लेवल सेक्योरिटी में हमारे होस्ट और वर्चुअल मशीन जिससे हमारे काम वर्चुअली होते है उन्हें  सुरक्षा प्रदान करता है।  उसके बाद नेटवर्क लेवल सिक्योरिटी जिसमे जितने भी इंटरनेट कनेक्शन होते है उन सर्वर को सुरक्षीत बनाने का काम इस लेवल  पर होता है उसके बाद आता है अप्लीकेशन लावेल सेक्योरिटी  इसमें हमें प्रोवाइड किये हुए एप्लीकेशन को सेक्यूर बनाने का काम होता  है।  मगर इसे सुरक्षित बनाने के लिए हमें बेहतर प्लेटफार्म की ज़रूरत होती है इस तरह अलग अलग लेवल पर अलग तरह से क्लाउड प्रोवाइडर यूज़र्स को सुरक्षा प्रदान करते है।

निष्कर्ष | (Conclusion about Cloud computing in Hindi)


आज के इस तेज़ युग में हमें क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing In Hindi) इस तरह के तकनीक की काफी ज़ादा ज़रूरत है। कुछ ही सालो में हमें भारत और दुनिया  भर में बहोत से जगह 5G कनेक्टिविटी देखने मिलने वाली है  जिसकी मदत से क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल बहोत जलद गति से होगा। यही नहीं यह तकनीक आगे बहोत से बड़े आईटी कंपनी  बड़े बड़े गेमिंग कंपनी और लोगो को इस तकनीक का बहोत फायदा होने वाला है। 

आज कल अच्छी क़िस्म के हार्डवेयर के साथ आने वाले स्मार्टफोन और कंप्यूटर बहोत महंगे होते उन्हें लेना आम लोगो के लिए आसान नहीं है इसलिए इसकी मदत से कम कीमत में हम बहोत बेहतर काम कर सकते है। 

क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing  in Hindi) को भविष्य के लिए और बेहतर और सुरक्षित होने की ज़रूरत है आने वाले युग  में यह तकनीक लोगो के ऊपर काफी प्रभावी बनाने वाली है।

मुझे उम्मीद है की आपको क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है - What is Cloud Computing In Hindi और इसके उपयोग और भविष्य में Cloud Computing के होने वाले फायदे आपको समझ गए होंगे। Cloud Computing से संबधित आपका कोई सवाल या सुझाव होतो कमेंट करके ज़रुरु बताना, शुक्रिया जय हिन्द। 

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