End To End Encryption का मतलब क्या होता है ? | What is End To End Encryption Meaning In Hindi - Tech Talk Hindi

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बुधवार, 30 दिसंबर 2020

End To End Encryption का मतलब क्या होता है ? | What is End To End Encryption Meaning In Hindi

व्हाट्सऍप एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है (How does the End-to-End Encryption Work in Hindi)


End to end Encryption meaning in Hindi


दोस्तों आप सभी लोग व्हाट्सप्प का इस्तेमाल तो करते ही होंगे या फिर तरह तरह के सुरक्षा पर आधारित ऐप्स या गजेडटस का इस्तेमाल करते होंगे। और इनके इस्तेमाल करने के बीच हमें एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन | End to End Encryption meaning in Hindi इस तरह की कोई बात पढ़ने मिली होंगी। दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय ऍप WhatsApp में तो एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन (End to End Encryption Meaning In Hindi)  हमारे चैट के दौरान हमेशा ही लिख कर आता है।  तो आखिर ये एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन क्या है, इसका मतलब क्या होता है।  और आज के दौर में आखिर क्यू यह सेवा हमारे लिए बेहद ज़रूरी  मानी जाती है।  तो चलिए अपने ज्ञान को बढ़ाते है। 



एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन क्या है | What Is End-to End Encryption Meaning In Hindi (E2EE) 


एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (end to end encryption Meaning in hindi) यह आपके संदेशों, पाठ और यहां तक कि फ़ाइलों को उनके इच्छित प्राप्तकर्ताओं को छोड़कर किसी के द्वारा समझे या फिर पढ़ने से बचाने के लिए मदत करता है  इसका उपयोग यह साबित करने के लिए भी किया जा सकता है कि एक संदेश किसी विशेष व्यक्ति से आया है और उसे बदला नहीं गया है। 

WhatsApp End to End Encryption Meaning In Hindi


अगर इसे और सीधे भाषा में कहा जाये तो, अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को कोई सन्देश भेजना चाहता हो, और भेजी हई जानकारी सिर्फ अगला व्यक्ति ही समझ सके इसलिए उस जानकारी को चाहे वो किसी भी स्वरुप की रहो (Text, Photo, Document, etc) एक जगह से दूसरे जगह भेजने के दौरान इस जानकारी को बहोत ही क्लिष्ट , और ना समझ आये इस तरह के रूप में बदल कर रखता है। 

यह स्वरुप हमारे मूल स्वरुप से काफी अलग होता है, इसलिए जानकारी आते वक़्त अगर बिच में किसी ने हमारी जानकारी हैक भी करली  फिर भी उसे वह जानकारी किस तरह की है, यह बात समझ नहीं आएँगी, और वह जानकारी अगले व्यक्ति के पास पहोचने के बाद उसके मूल स्वरूप में बदल जाती है।  इसलिए वह जानकारी किस तरह की है यह सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला बस इन दोनों तक ही सिमित रहती है। 


पिछले कुछ वर्षों में, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन टूल अधिक उपयोगी हो गए हैं। WhatsApps  जैसे सुरक्षित मैसेजिंग टूल- वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, चैट और फाइल शेयरिंग के लिए- ऐसे Apps  के अच्छे उदाहरण हैं जो प्रेषक और इच्छित प्राप्तकर्ता के बीच संदेशों को एन्क्रिप्ट करने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग करते हैं।


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एन्क्रिप्शन कुंजी क्या है | What Is End to End Encryption Key In Hindi)

Encryption Key meaning In Hindi


एक एन्क्रिप्शन कुंजी बिट्स का एक अजनबी स्ट्रिंग है जो स्पष्ट रूप से स्क्रैचिंग और अनचाहे डेटा के लिए बनाया गया है। एन्क्रिप्शन कुंजी को एल्गोरिदम के साथ डिज़ाइन किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक कुंजी अप्रत्याशित और अद्वितीय (Unique) रहे ।

इस तरीके से निर्मित कुंजी जितनी लंबी होगी, एन्क्रिप्शन कोड को क्रैक करना उतना ही कठिन होगा। एन्क्रिप्शन कुंजी का उपयोग एन्क्रिप्शन सॉफ्टवेयर के प्रकार के आधार पर फाइल के दोनों कार्यों को एन्क्रिप्ट, डिक्रिप्ट या करने के लिए किया जाता है।

इसे और आसान भाषा में समझे तो अगर मानलो हमें एक जानकारी किसी को भेजनी है मगर किसी तीसरे बंधे के जरिये  मगर वो जानकरी सिर्फ अगला व्यक्ति (प्राप्त करता) ही देख पाइए इसलिए उसे हम एक बॉक्स में रख कर एक कुंजी (चाबी) से बांध कर दे और इसी तरह की दूसरी (कुंजी) चाबी जिसे हम भेज  रहे है उसके पास रहेंगी और वही इस बक्से को खोल कर उस जानकारी को प्राप्त कर सकता है। 

इसमें जिसने  यह बॉक्स लाया या फिर रस्ते में किसी भी दूसरे अजनबी इंसान से यह बक्सा नहीं खुला क्यूकी इस बॉक्स की चाबी सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करता इन दोनों के ही  पास थी इस तरह से इन्क्रिप्शन कुंजी भी  ऐसे ही काम करती है। इसी आधार पर एन्क्रिप्शन कुंजी की हमें दो प्रकार देखने मिलते है, Privet Key (Symmetric Key) और Public Key 

निजी कुंजी (Privet Key Or Symmetric Encryption Key In Hindi)


निजी कुंजी में, एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन के लिए एक ही कुंजी (गुप्त कुंजी) का उपयोग किया जाता है। यह कुंजी एक सममित प्रकार की कुंजी है, क्योंकि किसी तरह के Text  को डिक्रिप्ट करने के लिए एकमात्र कुंजी किसी अन्य पार्टी द्वारा कॉपी या साझा (Save) की जाती है। यह सार्वजनिक कुंजी (Public Key) क्रिप्टोग्राफी की तुलना में तेज़ है। WhatsApp के Parsonal Chat में इसी Private Key का इस्तेमाल किया जाता है। 


WhatsApp Encryption End to End meaning in Hindi


सार्वजनिक कुंजी (Public Encryption Key In Hindi)


सार्वजनिक कुंजी में, दो कुंजियों का उपयोग किया जाता है एक कुंजी एन्क्रिप्शन के लिए उपयोग की जाती है और एक अन्य कुंजी का उपयोग डिक्रिप्शन के लिए किया जाता है। एक कुंजी (Public Key) का उपयोग सादे पाठ को एन्क्रिप्ट (Encrypt) करने के लिए इसे सिफर पाठ में बदलने के लिए किया जाता है और संदेश को पढ़ने के लिए सिफर पाठ को डिक्रिप्ट (Decrypt) करने के लिए रिसीवर द्वारा एक अन्य कुंजी (Private Key ) का उपयोग किया जाता है। इसे हम सार्वजनिक तौर पर लोगो के मेसेज, फाइल , अन्य प्रकार का डेटा एक्सेस कर सकते है। 


एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हमें किस-किस चीजों से बचाता है | What is End-to-End Encryption ensures 


What is WhatsApp Encryption end to end meaning in Hindi


  • यह आपके डेटा को हैक से सुरक्षित रखता है। End to end Encryption का मतलब है की एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक डेटा  को सुरक्षित पहोचाना है।  और साथ ही साथ  हैकर्स उन सर्वरों से समझौता करते हैं जहां आपका डेटा संग्रहीत है (जैसे, याहू मेल हैक), तो वे आपके डेटा को डिक्रिप्ट नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास डिक्रिप्शन चाबी (dycrypt Key) नहीं होती। 


  • यह आपके डेटा को निजी रखता है। यदि आप जीमेल (Gmail) का उपयोग करते हैं, तो Google आपके ईमेल में डाले गए प्रत्येक अंतरंग विवरण को जान सकता है, और यह आपके ईमेल को सहेज (Delete) कर सकता है, भले ही आप उन्हें हटा दें। मगर End to End Encryption की वजह से आप अपने संदेशों को पढ़ने वाले पर नियंत्रण रख सकते है। 


  • यह लोकतंत्र के लिए एक विश्वासु सेवा है। सभी को निजता का अधिकार है।End to End Encryption  मुक्त भाषण की रक्षा प्रदान करता है और सताए गए कार्यकर्ताओं, असंतुष्टों और पत्रकारों को डराने-धमकाने से बचाता है। इसलिए हम किसी भी व्यक्ति से बिना किसी भय के मुक्त संचार कर सकते है।


एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन के होने वाले नुकसान | Disadvantages Of End to End Encryption Meaning In Hindi 


  • कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक किसी भी तरह की फाइल्स को किसी को भेज सकता है। और इस तरह के गतविधियों को बढ़ावा दे सकता है। 


  • कोई भी  वेशष संघटन या लोगो पर जो इस तरह के आपत्तिजनक या और बुराई भरे चीजे लोगो में फैला रही हो उसमे सरकार का निंयत्रण कम हो जाता है। 


  • सरकार या पुलिस इस तरह के एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित डेटा को ट्रेस नहीं कर सकती। 

समापन | Conclusion 



तो दोस्तों अब आप समझ गए होंगे की आखिर एन्ड टू एंड एन्क्रिप्शन क्या है?  (What is end to end encryption meaning in Hindi) और किस तरह यह सेवा हमारे डेटा को सुरक्षित रखती है। मुझे आशा है की आप सभी को यह जानकारी बेहद पसंद आई होंगी।  और ऐसे बहोत  सी जानकारिया हम आपके लिए लाते रहेंगे। 

जैसा कि 2020  का अंत अब करीब है, आशा है कि 2021 में कोरोना जैसी महामारी के साथ हमारे डिजिटल दुनिया में भी होने वाले cyber Attack का भी अंत होगा। और हम आशा करते है की आने वाला  २०२१ यह  साल आप सभी लोगो को अच्छी सेहत और अच्छी सुरक्षा प्रदान करेंगा, धन्यवाद।

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