What is Paypal in hindi :पेपॅल क्या है और कैसे काम करता है? - Tech Talk Hindi

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गुरुवार, 20 अगस्त 2020

What is Paypal in hindi :पेपॅल क्या है और कैसे काम करता है?


 



दोस्तो हम रोजाना इंटरनेट का उपयोग करते है और इंटरनेट से कही बार ऑनलाइन शॉपिंग करते  है और कही बार हम cash on Dilevary का उपयोग न करके उस चीज का ऑनलाइन भुगतान ही करते है इसी तरह से किसी को ऑनलाइन पैसे भेजने हो या किसी से ऑनलाइन पैसे लेने हो तो हम आज के जमाने मे आसानी से कर सकते है. और इस चीज को आसान बनाता है paypalPaypal से हम हमारे देश मे ही नही बल्कि देश के बाहर पूरी दुनिया भर मे हम किसी को भी पैसे भेज सकते है या किसी से भी पैसे Receive कर सकते है। 


दोस्तो paypal सिर्फ Doller इस carruncy में ही काम करता है जब हम किसी को रुपये में पैसे भेजते है तब सबसे पहले पैसे जिसे हम भेज रहे है उसके Paypal account में पहले doller में convert हो जाते है . शुरवात मे paypal बहोत limited  बैंक कार्ड  तक ही सीमित था मगर अब (Visa card ,Master Card, Rupay Card)  हमे बहोत सारे  कार्ड  के साथ हम Paypal की User ID बना सकते है। 


पेपॅल का इस्तेमाल कैसे करे:-



 इसे आसानी से बताये तो बैंक मे चलने वाले चेक और मनी आर्डर का इंटरनेट पे का vartual अवतार याने paypalPaypal इसका मतलब होता है ‘दोस्त को पैसे दो’  इसके लिए हमे  Paypal के वेबसाइड पर हमारे नाम की User ID बनानी जरूरी होती है.और paypal इसे अपने बैंक एकाउंट की तरह समझता है फिर हम इस paypal एकाउंट में हमारे बैंक एकाउंट से पैसे डाल सकते है.याने की जब हम किसी चीज़ का ऑनलाइन paypal से भुकतान करते है तब सबसे पहले हमे उतनी कीमत या फिर उस्से जादा पैसे हमे paypal एकाउंट मे डालने पड़ते है। 

उसके बाद ही हम हमारे क्रेडिड कार्ड या डेबिड कार्ड या फिर बैंक एकाउंट के No. के सिवाए हम ऑनलाइन भुकतान कर सकते है और उतने पैसे Doller के रूप में convert होकर अगले इंसान या कंपनी के paypal एकाउंट में जमा होते है इसका मतलब अगले इंसान या कंपनी का paypal एकाउंट होना भी जरूरी है. याने की paypal ये एक इंटरनेट पर होने वाली बैंक जैसा काम करती है.


अब आप मे से बहोत से लोग कहेंगे कि इनती मुश्किल प्रोसेस किस लिए. इससे अच्छा की हम क्रेडिड कार्ड या फिर बैंक एकाउंट के रास्ते ही क्यू ना ऑनलाइन ही पैसो का वेव्हार कर ले. मगर इसका उत्तर ऐसा की जब हम paypal का इस्तेमाल करते है तब हम इसमे एक ही बार क्रेडिड कार्ड और बैंक एकाउंट मेसे पैसे निकालने की अनुमति देते है. उसके बाद हमे ऑनलाइन कुछ भी खरिदना होतो हमे बार बार कार्ड नंबर और उसकी एक्सपाइरी डेट या फिर एकाउंट नंबर देने का काम नही पड़ता.

इसका मतलब ये की हमे अगर बार बार ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या फिर किसी से पैसे लेने हो या फिर किसी को पैसे देने हो तब हमे सिर्फ हमारी Paypal ID देकर ये सब काम आसानी से कर सकते है इससे हमारी बैंक एकाउंट की जानकारी सुरक्षित भी रहती है। 

अब सवाल ये आता है कि इसमें पेपाल का क्या फायदा तो दोस्तो हम जब भी पेपाल के ज़रिए कोई इंसान या फिर कंपनी से पैसे स्विकरती है तब paypal उसमे से फी या कमीशन आकरती है. इसके अलावा जैसे हमारे बैंक सेविंग एकाउंट से बैंक हमारे पैसो का इस्तेमाल करती है और उसका इंट्रेस्ट देती है वैसे ही paypal भी ऐसे सुविधाओ से हमारे paypal एकाउंट से हमारे पैसो का इस्तेमाल करती है और हमारा फायदा भी करवाती है.


पेपॅल का इसतिहास:-



Paypal की शुरवात 1998 के दिसंबर महीने मे हुई थी .कॉलेज से बाहर आने के बाद मैक्स लेवहचिंन  और वित्तीय क्षेत्र मे काम करने वाला उसका दोस्त पीटर थयेल इन दोनो ने paypal शुरू की. शुरवात मे paypal जैसी आज है ऐसा बनाने का इन दोनों का कोई इरादा नही था . बल्कि हात में इस तरह के कोई मोबाइल फ़ोन या फिर  ऐसे ही उपकरण मे पासवर्ड लगा सके इस तरह का सॉफ्टवेअर बनाना था.  ऐसे ही इस तरह के सॉफ्टवेयर मे हम क्या क्या कर सकते है इसके बारे मे भी सोच रहे थे तभी उन्हें लगा क्यू ना हम ऐसाकोई सॉफ्टवेयर बनाये जिसमे हम डिजिटली पैसो रख सके और और ऐसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से हम पैसो का वेव्हार कर सके। 



आगे चलके उन दोनो ने इस तरह का सॉफ्टवेयर बना लिया और आगे चलके इस सॉफ्टवेयर को बहोत प्रसिद्धि भी मिली .इसके बाद इन्होंने इस सॉफ्टवेयर को इंटरनेट पर डाल दिया और बहोत सारे लोगो ने इसे डाउनलोड भी किया था.और इस सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर में इस्तेमाल भी करने लगे ओर उसी से पैसो की लेनदेन और बिल भुकतान इस तरह की काम करने लगे. ऐसे करते करते एक दिन लेवहचिंन और उसके सहकारियों ने ऐसा सोच की अगर इसे पामटॉप कंप्यूटर की बजाए लोग सीधे इसके जरिये इंटरनेट से ही पैसो का भुकतान करे तो लोगो को जादा आसानी होंगी आगे चलके पामटॉप कंप्यूटर से होने वाले भुकतान के बजाए इंटरनेट से कैसे भुकतान किया जाये इसी पे काम करने लगे ओर आगे चलके उन्होंने Confinity नामक कंपनी बनाई और आगे चलके इसी Confinity और Elon musk की X.Com से Paypal बानी। 


                3 अक्टूबर 2002 इस दिन Ebay  नामक ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी ने Paypal को खरीद लिया .शुरवात मे Paypal सिर्फ Ebay के लिए ही काम करती थी. अभी देखा जाए तो paypal आज 190 देश और 18 करेंसी जिनती लेनदेन करती है। 


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